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करीना कपूर : लड़के और लड़की की स्वास्थ्य देखभाल के मामले में नहीं करना चाहिए भेदभाव

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बॉलीवुड की बेबो यानि कि करीना कपूर खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ को लेकर सुर्खियों में है। करीना अपनी इस फिल्म का प्रमोशन जोरों शोरों से कर रही है। यूनिसेफ इंडिया ने मदर्स डे के सेलिब्रेशन के दौरान मां और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों पर बात करने के लिए दिल्ली में पैनल कार्यक्रम का आयोजन किया।

जिसमें यूनिसेफ सेलिब्रिटी ब्रांड एडवोकेट अभिनेत्री करीना कपूर के साथ डॉ होटा, आशा कार्यकर्ता उमा देवी, यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि, एमएस हेनरीट अहरेन्स, यूनिसेफ के सहायक चीफ ऑफ हेल्थ, डॉ गगन गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी माँ और उनके नवजात बच्चों को बेसिक और अच्छी मेडिकल सुविधा के साथ देखभाल की आवश्यकता है।

ताकि शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके हम इसके लिए प्रतिबन्ध है और जिस तरह से हमने आज पोलियों पर काबू पाया है। चाइल्ड मोटार्लिटी पर भी पूरी तरह से काबू पा लेंगे। उसके लिए हमे कम उम्र में होने वाली प्रेगनेंसी के साथ लोगों को जागरूक करने पर ज्यादा काम करना है उनकी शिक्षा पर काम करना है।

करीना कपूर ने लैंगिक इक्विटी और उत्तम स्वास्थ्य की आवश्यकता पर अपनी बात रखी ,”हमें अपनी लड़कियों की देखभाल करने की ज़रूरत है जिस तरह हम अपने लड़कों की देखभाल करते है। लड़के और लड़की की स्वास्थ्य देखभाल के मामले में हमे भेदभाव नही करना चाहिए।

करीना यूनिसेफ के साथ पिछले पांच सालों से जुड़ी है और शिक्षा , नवजात स्वास्थ्य ,पोषण और उनके विकास के साथ बाल अधिकारों के लिए अपना सहयोग दे रही है। यह आयोजन यूनिसेफ के वैश्विक पृष्ठभूमि में मदर्स डे को मनाने के साथ इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करने के लिए किया गया।

यूनिसेफ के अलावा प्रधान मंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के अंदर शहरी, ग्रामीण और इंटीरियर क्षेत्रों तक गर्भवती माँ के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। 2016 में लॉन्च होने के बाद से इस योजना ने अपने दूसरे और तीसरे तिमाही में एक करोड़ गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया है।

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