नोटबंदी, GST के बाद जेटली करेंगे एक और वार! जरा संभल कर रहें कारोबारी

मुंबई: मोदी सरकार द्वारा कर चोरी करने वालों के लिए जीएसटी लाया गया। जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया। जीएसटी में सुधार के लिए इसकी दरों में कटौती की गई, जिससे व्यापारी को थोड़ी राहत तो मिल गई है, लेकिन अरुण जेटली द्वारा हार्वर्ड विश्वविद्यालय में जो बयान दिया है, उससे रियल एस्टेट का बिजनेस करने वालों की सांस फूल गई हैं। जेटली अब रियल एस्टेट को जीएसटी में लाने का प्लान बना रहे हैं।
जेटली ने भारत में कर सुधारों पर ‘वार्षिक महिंद्रा व्याख्यान’ में कहा, ‘भारत में रियल एस्टेट एक ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे ज्यादा कर चोरी और नकदी पैदा होती है और वह अब भी जीएसटी के दायरे से बाहर है। कुछ राज्य इस पर जोर दे रहे हैं। मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि जीएसटी को रियल एस्टेट के दायरे में लाने का मजबूत आधार है।’ जेटली ने कहा कि इस मामले पर गुवाहाटी में 9 नवंबर को होने वाली जीएसटी की अगली बैठक में चर्चा की जाएगी।

जेटली तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठकों में शामिल होने के लिए हफ्तेभर के अमेरिकी दौरे पर हैं। जेटली ने वहां कहा कि भारत सरकार बैकिंग क्षेत्र की क्षमता के पुनर्निर्माण की योजना पर काम कर रही है। इस योजना से विकास में योगदान मिलेगा।

बता दें कि रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। पहले जिन वस्तुओं पर जीएसटी लगाया गया है, उससे कारोबार में काफी कमी अाई है, लेकिन जल्द ही अर्थव्यवस्था पटरी पर अाने की उम्मीद की जा रही है। अब जेटली ने संकेट दिए हैं कि वह रियल एस्टेट को जीएसटी में लाने के बारे सोच सकते हैं। जीएसटी में अाने के बाद इस बिजनेस पर कितना फर्क पड़ेगा ये तो अाने वाला वक्त ही बताएगा।

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