याकूब की फांसी का विरोध करने वाला कैसे हो सकता है उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवारः शिवसेना

gopal krishn

आज राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। वहीं 5 अगस्त को उपराष्ट्रपति के चुनाव होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले यूपीए द्धारा उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने गए उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी पर सवाल उठने शुरु हो गए हैं।गोपाल कृष्ण गांधी को लेकर शिवसेना का बड़ा बयान आया है। शिवसेना संजय राउत ने सोनिया गांधी से पूछा कि क्या आप गोपाल कृष्ण गांधी को वोट करेंगे, जिन्होंने मुंबई में 1993 में हुए धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया था।

संजय राउत ने कहा है, ‘’मैं सोनिया गांधी जी से पूछना चाहता हूं कि नैरो माइंडेड की डेफिनेशन आप बताइए। आपसे मैं एक ही सवाल पूछता हूं। मैडम जी उपराष्ट्रपति चुनाव पद के लिए आपने गोपाल कृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाया है। सोनिया गांधी ने किस आधार पर उनको उम्मीदवार बनाया है?’’

राउत ने आगे कहा, ‘’गोपाल कृष्ण गांधी ने मुंबई में 1993 में हुए धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया था। ऐसे याकूब की फांसी रोकने के लिए गोपाल गांधी ने पूरी ताकत लगा दी थी और राष्ट्रपति को भी लेटर लिखा था और देश के सामने कहा था कि उनकी फांसी रुकनी चाहिए। ऐसे में इस व्यक्ति के उम्मीदवार बनाना सोनिया जी का नैरो माइंड है या बड़ा माइंड है।’’राउत ने कहा, ‘’’सोनिया गांधी को समझना चाहिए की देश भावना के विरुद्ध गोपाल गांधी ने याकूब मेमन को बचाने के लिए एक मुहिम चलाई थी। ऐसे में अगर आप गोपाल गांधी को उम्मीदवार बनाते हैं तो हमें आपके दिमाग की जांच करनी पड़ेगी।’’

कौन हैं गोपाल कृष्ण गांधी?

कांग्रेस सहित 18 विपक्षी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति पद चुनाव के लिए गोपाल कृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह महात्मा गांधी के पड़पोते हैं. गांधी रिटार्यड आईएएस अधिकारी और राजनयिक हैं। साल 2004 से 2009 के बीच वो पश्चिम बंगाल के गवर्नर रहे। बतौर आईएएस अधिकारी, वो भारत के राष्ट्रपति के सचिव रहे। दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के राजदूत रहे. इसके अलावा कई प्रशासनिक और राजनयिक पदों पर रहे। गांधी अशोक यूवर्सिटी में पढ़ाते हैं, जहां वो इतिहास और राजनीति के प्रोफेसर हैं।

आपको बता दें कि पांच अगस्त को उपराष्ट्रपति का चुनाव होगा और वोटों की गिनती भी उसी दिन यानि पांच अगस्त को ही होगी।

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