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बाहरी दिल्ली में बैग बनाने वाली फैक्ट्रियां बंद

राजधानी दिल्ली: दिल्ली के मीर विहार में कल बैग बनाने वाले सैकड़ों फैक्ट्री मालिकों ने दिल्ली बैग मजदूर युनियन के बैनर तले मीटिंग की थी जिनमे निर्णय लिया गया था पांच अप्रैल से सभी फैक्ट्री मालिक अपनी अपनी फैक्ट्रियों को बंद कर अपने हक़ की लड़ाई शुरू करेंगे सदर बाज़ार नबी करीम बैग दुकानदारों के सोषण ओर अपनी मेहनत और लागत के अनुसार रेट नही देंगे तब तक सभी का ऑडर बनाना ही बंद नही किया जाएगा तब तक सभी फैक्ट्रियों को बंद रखा जाएगा।

आज सभी कारखानेदारों ने दिल्ली मजदूर यूनियन में हड़ताल की घोषणा के बाद टीमें बनाई और जहां जहां बैग बनाने की फैक्ट्री हैं जाकर बंद के आह्वान का असर देखा टीमें नांगलोई,सुलतानपुरी, मंगोलपुरी, प्रेमनगर,अमन विहार,मादीपुर, हरि इंक्लेव, मीर विहार,खजुरी, इत्यादि जगाहों पर घुमी जहाँ अकसर फैक्ट्रियाँ बंद मिली कही कही कोई छोटी फैक्टी खुली मिली टीम द्वारा वजह जानने पर पता चला हड़ताल की खबर से वंचित थे जिसके बाद उन फैक्ट्री मालिकों भी अपनी फैक्ट्री बंद कर उनके साथ चल पड़े सभी अपने हक ओर वाजिब रेट लेने के लिए हड़ताल पर चल पड़े हैं।

इस हड़ताल का अंजाम किया होगा अभी कुछ कहा नही जा सकता पर गरीब फैक्ट्री मालिक और वेपारियों के बीच पिस्ता नज़र आरहा है जब हमारे संवाददाता ने दिल्ली बैग मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अंसार वारसी से इस मामले पर बात की तो उन्होंने बताया ये लड़ाई मजदूर की पूरी मजदूरी नही मिलने के कारण स्टाइक की है जब तक हमारे वाजिब रेट नही मिलते हम कोई भी माल नही बनाएँगे ओर न फैक्ट्री खोलेंगे रही मजदूरों के खान पान की बात अगर किसी की हालत भोजन लायक नही होगी उसका खान पान का इंतजाम हम सब मिलकर करेंगे पर कारखाने मांगे पूरी होने तक नही खोलेंगे।

पहली बार मजदूर अपने हक़ ओर बढ़ती महगाई ओर अपनी मांगों को लेकर रोड़ों पर नारे बाजी करते नज़र आए ये रैली प्रदर्शन लोकल वेपारियों के खिलाफ देखने को मिला एक तरफ वेयपारी दुकान दार दूसरी तरफ मजदूर कारखाने दार आखिर कैसे होगा इनका समाधान न कोई महकमा न कोई सरकार कैसे मिलेगा इंसाफ़

लोगों की माने तो जब से हड़ताल की खबर चली है तब से सदर बाज़ार के बैग दुकानदार वेयपारीयों में खल बली पैदा होगई है अगर ये हड़ताल लंबी हो गई तो स्टॉक खत्म होने के बाद किया होगा वही दिल्ली और देश के कई स्टेटों से बैग के फैक्टी वालों का समर्थन के लिए फोन आने लगे है और इस हड़ताल का असर पूरे भारत देश मे फैलता नज़र आरहा है अगर वेपारियों ने इस हड़ताल को जल्द खत्म नही किया तो भारत की सबसे बड़ी मार्किट पर जल्द इसका असर दिखाई देने वाला है।
बतादें हड़ताल की आखिर क्यों आई नोबत कियों हुई हड़ताल बैग कारखाने दारों पर ही मड दिया मेंहगाई का बोझ लोकडॉउन के बाद बड़े मटेरियल के रेट पर सदर वेपारियों ने नही बढ़ाए रेट हक मांगने ओर रेट की आवाज़ उठाने वालों के साथ किया सोषण जिससे दुखी होकर कई महीनों से मीटिंगों के बाद की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब देखना होगा कब तक चलेगी ये लड़ाई कहाँ तक जाती है इन मजदूरों की आवाज़ किया मिलेगा इन्हें इंसाफ।
ये आने वाला वक़्त बताएगा