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स्मृति ट्रस्ट के संस्थापक दिल्ली के द्वारका निवासी मनोज झा ने पतित पावनी मानसी गंगा को निर्मल बनाने का शुरू किया अभियान

नई दिल्लीः स्मृति ट्रस्ट के संस्थापक चेयरमैन एवं दिल्ली के द्वारका निवासी मनोज झा ने मथुरा के गोवर्धन स्थित पतित पावनी मानसी गंगा को स्थानीय निकाय के साथ मिलकर आयुर्वेद के वैदिक काउनोमिक्स विधि द्वारा निर्मल व स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है। मानसी गंगा को स्वच्छ साफ एवं निर्मल बनाने के अभियान को शुभारंभ करने में मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन श्री नागेन्द्र प्रताप (आइएस) एवं गोवर्धन नगर परिशद के चेयरमेन श्री खेमचन्द षर्मा का प्रमुख योगदान है जिन्होंनें स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज झा के साथ मिलकर इस कार्य को षुरू किया है।


मानसी गंगा का पानी, गन्दगी से भरा और दुर्गन्धयुक्त है जिसे देखकर मनोज झा ने इसे साफ करने का संकल्प लिया। मनोज झा ने बताया कि मानसी गंगा की सफाई आयुर्वेद के वैदिक काउनोमिक्स विधि द्वारा की जा रही है जिसमें गोमूत्र, गाय के गोबर के आलावा 125 जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। वैदिक काउनोमिक्स के द्वारा तैयार किया गया एक लीटर सोल्यूशन 10 हजार लीटर पानी में मिलाया जाता है।
मनोज झा का कहना है कि देश के झील नदियों एवं तलाबों के स्वच्छ साफ एवं निर्मल बनाने में वैदिक काउनोमिक्स विधि हो रहा है कारगर, मानसी गंगा से पहले इस विधि के द्वारा दिल्ली के रोहिणी स्थिति झील वाला पाक,प्रसाद नगर का तालाव,राजनंदगाव छतिसगढ़ के मोतीपुर लेक, मघ्यप्रदेष सतना चित्रकूट के मंदाकनी नदी को सफलता पूर्वक साफ किया जा चुका है ।
वैदिक काउनोमिस्क विधि द्वारा जल की सफाई हो जाने के बाद मानसी गंगा का पानी पीने योग्य हो जाएगा। अभी मानसी गंगा का पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित है इसीलिए लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।


दिल्ली निवासी मनोज झा ने बताया कि, “वह बराबर वृंदावन और गोवर्धन आते जाते रहते हैं। जब मानसी गंगा के गंदे पानी को देखा तो प्रण लिया कि मानसी गंगा की गंदगी वैदिक काउनोमिस्क विधि के द्वारा ऐसा निर्मल व स्वच्छ बनाऊंगा कि इसमें हंस और बत्तख विचरण करेंगे।”
वर्ष 2008 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने गोवर्धन के मानसी गंगा को संरक्षित झील घोषित करते हुए इसे निर्मल व स्वच्छ करने के लिए लगभग 23 करोड रुपए आवंटित किया किया था, किंतु मानसी गंगा वैसी ही मैली रही। अब मनोज झा के प्रयास से मानसी गंगा के पानी में हो रहे बदलाव से यहां का स्थानीय लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं।
मनोज झा ने बताया कि मानसी गंगा में जल को शुद्ध करने का अभियान शुरू हो चुका है। हरेक दिन तानकर से इसमें वैदिक काउनोमिक्स के द्वारा तैयार सोल्यूशन डाला जा रहा है। 10 दिन के बाद ही मानसी गंगा के पानी का बदबू खत्म हो गया है और 2 महीने के अंदर इसका पानी पीने लायक हो जाएगा उसके बाद मानसी गंगा का पानी की जाँच करायी जायेगी।
मनोज झा ने बताया कि इस विधि से न सिर्फ पानी साफ होगा बल्कि इसका दुर्गन्ध और इसमें पनपने वाले कीड़े-मकोड़े और मच्छर खत्म हो जायेंगे। इसीलिए वैदिक काउनोमिस्क सबसे उपयोगी विधि है ।