सुप्रीम कोर्ट में आज सत्ता के संघर्ष पर सुनवाईः येदियुरप्पा के सामने बहुमत साबित करने की चुनौती

 

karnataka politicsनई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ उस याचिका पर आज फिर से सुनवाई शुरू करेगी, जिसमें कांग्रेस और जेडी-एस ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने को चुनौती दी है। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने पहले बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था, जिसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। शीर्ष कोर्ट आज इसी याचिका पर फिर सुनवाई शुरू करेगी।

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार तड़के बी.एस. येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक नहीं लगाई। शीर्ष अदालत ने आधी रात को घंटों चली सुनवाई में कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) की येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की संयुक्त याचिका के मद्देनजर शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है। येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे होगी। सुनवाई के दौरान येदियुरप्पा को 15 और 16 मई को राज्यपाल वजुभाई वाला को लिखे वे दोनों पत्र पेश करने होंगे, जिनमें उन्होंने सरकार बनाने का दावा किया है। येदियुरप्पा ने पत्रों में सदन में बहुमत होने का दावा किया है, लेकिन सवाल है कैसे? इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।

वहीं कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिशों का आरोप लगाया है। विधायकों को बचाने के लिए उन्हें बेंगलुरु के रिजॉर्ट से आधी रात को निकालकर बस से हैदराबाद के लिए रवाना किया गया। रात 12 बजे दोनों दलों के विधायकों को लेकर 3 बसें बेंगलुरू से हैदराबाद के लिए चली जो सुबह 9 बजे पहुंची। इन विधायकों को हैदराबाद के होटल में रखा जा सकता है। खास बात ये है कि हैदराबाद लाए गए कांग्रेस विधायकों में ज्यादातर नव निर्वाचित विधायक हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नाटक में ही अपने आवास पर हैं, पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं पर विश्वास जताया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी का मानना है कि वरिष्ठ नेता पार्टी के प्रति वफादारी दिखाएंगे। रामलिंगा रेड्डी, शमनुर शिवशंकरप्पा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अपने घर पर हैं। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस विधायकों के साथ ही हैदराबाद जा रहे जेडीएस विधायकों की बस भी करनूल से आगे निकल गई है।

गौरतलब है कि कर्नाटक में 222 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें से भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडी-एस को 38 सीटें मिली थीं। दो निर्दलीय विधायकों में से एक ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी, लेकिन वह भी गुरुवार को विधानसभा के सामने गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस और जेडी-एस के धरने में शामिल हो गया।

 

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